लखनऊ से कैलाश मानसरोवर यात्रा तक का पूरा हवाई मार्ग देखें, जो मनमोहक हिमालयी रास्तों से होकर गुजरता है।
९ दिन कैलाश मानसरोवर यात्रा – हेलिकोप्टर द्वारा
| # | महीना | प्रस्थान तिथियां (Dep. Dates) |
|---|---|---|
| 1 | अप्रैल | 24 अप्रैल 2026 |
| 2 | मई | 12 मई 2026 22 मई 2026 |
| 3 | जून | 10 जून 2026 21 जून 2026 |
| 4 | जुलाई | 05 जुलाई 2026 19 जुलाई 2026 | 5 | अगस्त | 18 अगस्त 2026 22 अगस्त 2026 | 6 | सितंबर | 02 सितंबर 2026 17 सितंबर 2026 |
| # | महीना | प्रस्थान तिथियां (Dep. Dates) |
|---|---|---|
| 1 | अप्रैल | 25 अप्रैल 2026 |
| 2 | मई | 12 मई 2026 25 मई 2026 |
| 3 | जून | 12 जून 2026 24 जून 2026 |
| 4 | जुलाई | 12 जुलाई 2026 23 जुलाई 2026 | 5 | अगस्त | 10 अगस्त 2026 22 अगस्त 2026 | 6 | सितंबर | 09 सितंबर 2026 23 सितंबर 2026 |
लखनऊ आगमन के समय पे हमारा प्रतिनिधि आपका स्वागत करेंगे और आपको नेपालगंज होटल में ले जानेके लिए सहाय करेंगे ( नोध : रास्तेमे, ब्रेकफास्ट और लंच आपके स्वयम के खर्च से ) – रात्रि दरम्यान कल्पतरु होटल ( तिन तारक ) और होटल सेंट्रल प्लाजा में और उसके जेसी होटल – नेपालगंज में . (एक कमरे में दो व्यक्ति)
प्रात:कालीन नक्की किए गए विमान द्वारा सिमिकोट ( १ घंटे की विमान यात्रा) और सिमिकोट एरपोर्ट से दूसरा हेलिकोप्टर द्वारा हिलसा एरपोर्ट पर उतरान ( १५ से २० मिनिट का यातायात ) और १५ मिनिट का ट्रेकिंग सरहद पार करनेके लिए और उसके बाद ड्राइव करके पुरांग / तकलाकोट ( १.५ घंटे ) रात्रि विश्राम पुरांग में होटल हिमालय में (४ तारक ) अथवा होटल पुरांग और इसके जेसी केटेगरी. (बाथरूम के साथ एक कमरे में तीन से चार व्यक्ति)
उच्चतल पर्वत की मौसम के अनुकूलन होने के पूर्ण दिन I छोटा ट्रेकिंग, परिक्रमा की तैयारी के लिए, कीया जायेगा I रात्रि विश्राम पुरांग में होटल हिमालय में ( ४ तारक ) अथवा होटल पुरांग में
सुबह , वाहन द्वारा ड्राइव करके ( पवित्र मानसरोवर लेक _ १.५ घंटे और मानसरोवरकी परिक्रमा ७२ की.मी. / ३ घंटे में I पवित्र स्नान के बाद हमारे पुरोहित (पुजारी) द्वारा मानसरोवर में पूजा और हवन कीया जायेगा I रात्रि विश्राम चियु गेम्पा में , परमाँर्थ गेस्टहाउस और इसके जेसी केटेगरी में मुकाम की व्व्यास्था ( डॉर्मेटरी टाईप रुम )
सुबह जल्द ब्रेकफास्ट के बाद , वाहन द्वारा ड्राइव करके दार्चेंन ( १ घंटे ) और सतत मुसाफ़री करके तार्बोचे ( यम द्वार ) – ८ की.मी. / २० मिनिट और कैलाश परिक्रमा के प्रथम दिन की यात्रा का आरम्भ करोंगे I देरापूक के लिए (१३ की.मी. / ६ घंटे ) रास्ते में नास्ता के लिए हल्का नास्ता पेक करके दिया जायेंगे I और जो लोग चरणस्पर्श के लिए जाना चाहते हैं तो हमारे कर्मचारी चरण स्पर्ष दर्शन के लिए सहायता करेंगे (चरणस्पर्श चीनी सेना या गाइड द्वारा दी गई अनुमति के अनुसार और आपकी स्वास्थ्य फिटनेस पर निर्भर करता हैं) और हम माउंट कैलाश की ओर अधिक से अधिक चलेंगे, वहाँ कुछ सीमा बिंदु है जहाँ से हमें वापस लौटना होगा | रात्रि भोजन और रात्रि विश्राम शिशापंगमा और वोंग्दा गेस्टहाउस में दिया जायेगा I ( डॉर्मेटरी टाईप रुम )
नोघ : जो यात्री परिक्रमा के लिए नहीं जायेगा वो लोग दार्चेंन में होटल संसुई या फोरमंट या लेतु और इसके जेसी केटेगरी में रात्रि विश्राम करेंगे I(बाथरूम के साथ एक कमरे में दो से तीन व्यक्ति)
यह यात्राकी बहोत कठिन मुसफरिका दिन हे और उसके लिए हंमेशा यात्री लोग चर्चा करते रहते हे I यह १८,६०० फिट चद्दान वाला दिन हे ( डोल्मा-ला पास )- और उसके बाद निचे उतरान करके गौरी कुंड पहोचना होगा और तत;पचात ज़ुतुल्फुक नदीके पास पास ट्रैकिंग करना होगा और जो तीर्थयात्री डीराफुक से आगे कोरा नहीं जा रहे हैं, वे वापस डारचेन लौट आएंगे और यदि कोई वापसी करने वाले सदस्य चाहते हैं तो चरण स्पर्ष के लिए फिर से एक और मौका मिलेगा I रात्रि भोजन – डिनर – जुतुलफुक गेस्ट हाउस में उपलब्ध किया जायेंगा I ( डॉर्मेटरी टाईप रुम )
सुबह ब्रेकफास्ट के बाद हम लगभग ८ की.मी / २ घंटे का ट्रैकिंग करेंगे और अपनी बस जहा हमारा राह देख रही होगी , वहा पहुचेंगे दार्चेंन जाने के लिए I दुप्रहर का लंच के बाद मानसरोवर लेक के लिए यात्रा आरम्भ करेंगे I ( यदि पूर्णिमा का दिन होंगा तभी ) हम लोग के रात्रि विश्राम के लिए परमार्थ और इसके जेसा गेस्ट हाउस में वव्यस्था की जाएगी और जो तीर्थयात्री आगे कोरा नहीं जा रहे हैं, वे वापस डारचेन लौट आएंगे और यदि कोई वापसी करने वाले सदस्य जाना चाहते हैं, तो आज फिर से एक और मौका मिलेगा I ( डॉर्मेटरी टाईप रुम )
और , यह प्रोग्राम में पूर्णिमा का दिन नहीं होगा तो , आपका प्रोग्राम आपकी यात्रा सूची दिनांक के मुकाबिक होगी , पहेले हिल्स्सा जायेंगे और वहासे उद्दान द्वारा सिमिकोट जायेंगे I रात्रि विश्राम हिल्स्सा और सिमिकोट के गेस्ट हाउस में करेंगे I
नोघ : हम मानसरोवर ( चियु गेम्पा ) में रात्रि विश्राम करेंगे जब इधर पूर्णिमा का दिन होंगा वर्ना हम हिलसा की और यात्रा आरम्भ करेंगे और यहाँ भी हम रात्रि विश्राम करेंगे और अगर समय रहा तो हेलिकोप्टर द्वारा हम उद्दान करके सिमिकोट पहोंच जायेंगे और वहा रात्रि विश्राम करेंगे I
यदि आपका प्रोग्राम पूर्णिमा के अनुशार होंगा तो आप यात्रिओ को काल जल्द उठ जायेंगे और ब्रेकफास्ट करेंगे और लगभग ८ AM वाहान द्वारा , अल्प नास्ता पेक के साथ, ड्राइव करके तकलाकोट पहोचेंगे , वहा ईमीग्रेशन और कस्टम की प्रक्रिया पूर्ण करेंगे – और चीन सरहद क्रोस करके -नेपाल सीमा पहोचेंगे – वाहन ड्राइव करके हिलसा और उद्दान करके सिमिकोट-नेपाल गंज I नेपाल गंज आगमन के बाद आपकी यात्रा प्रतिनिधि आपके लिए वाहान, लखनऊ जानेके लिए, उपलब्ध करायेंगे
यह दिन को फ्री / बफर दिन तरीके कोई अनिवार्य विलम्ब / केन्सेलेसन जेसे परिस्थिति निर्मित होने पे/ एडजस्टमेंट के लिए रखा गया हे I एक दिन आपके आराम प्रमोद के लिए रखा गया हे क्युकी विमान और हेलिकोप्टर कभी कभी समय पर नहीं उड़ते हे और संगोज्वाशत ख़राब वातावरण के कारण कभी उड़न केंसल भी होते हे और ज्यादा यात्रीओ के जमा होने पर भी सिमिकोट अथवा हिलसा के लिए उड़न रद्द होता हे
इस तरह, आप को पहेला वाले किसी दिन का रात्रि विश्राम सकते हे और जब भी आप लोग नेपाल-गंज पहोंच पाहेंगे और हम आपका लखनऊ के लिए प्रस्थान की वव्यस्था कर देंगे I
कैलाश मानसरोवर यात्रा एक उच्च ऊंचाई पर होने वाली शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण तीर्थ यात्रा है। सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए पर्याप्त शारीरिक तैयारी आवश्यक है।
कैलाश यात्रा के लिए सही सामान पैक करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ऊंचाई पर होने वाली बीमारी (AMS) एक गंभीर समस्या हो सकती है क्योंकि यह यात्रा 5,600 मीटर से अधिक ऊंचाई तक जाती है। इसके लक्षणों और बचाव को समझना अत्यंत आवश्यक है।
इस यात्रा के लिए कई प्रकार के परमिट और वीज़ा दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं। सभी दस्तावेज़ों की व्यवस्था पहले से करना जरूरी है।
कैलाश यात्रा के लिए व्यापक ट्रैवल इंश्योरेंस लेना अत्यंत आवश्यक है और कई मामलों में यह अनिवार्य भी होता है।